कोविड अस्पताल में सुरक्षा शून्य, न गार्ड, न डाॅक्टर आइसोलेशन वार्ड से संदिग्ध मरीज आ-जा रहे थे

(विश्वजीत गाेले) जिला कोविड अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा और इलाज भगवान भरोसे चल रहा है। दैनिक भास्कर संवाददाता ने सुबह 7.04 से 8.11 बजे तक यानी एक घंटा सात मिनट का समय जिला कोविड अस्पताल में बिताया। सबसे बड़ी बात इस तीन मंजिला अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा शून्य मिली, न तो यहां गार्ड मिला और न ही डॉक्टर।

न तो यहां कोई टोकने वाला था और न ही रोकने वाला। मैन गेट खुला होने के साथ ही गार्ड रूम सूना पड़ा था। आइसोलेशन वार्ड में भर्ती एक मरीज का बेटा, जिसकी रिपोर्ट आना बाकी थी, वह बाहर घूमता पाया गया। तीन मंजिला कोविड अस्पताल में सिर्फ आइसोलेशन वार्ड के स्टाफ रूम में एक महिला नर्सिंग कर्मचारी मिली, जबकि आइसोलेशन वार्ड, निगेटिव वार्ड, पॉजिटिव वार्ड और आईसीयू वार्ड में 24 घंटे डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी का दावा किया जाता है।

यहां तक कि अस्पताल का सीसीटीवी सर्वर रूम जहां हर समय कर्मचारी मौजूद रहकर सभी वार्डों और अस्पताल की निगरानी करते हैं, वहां भी ताला लगा मिला। आइसोलेशन वार्ड के सामने सांस लेने में परेशानी वाले मरीजों के लिए व्यवस्थित किए आईसीयू में एक महिला रोती हुई मिली। महिला सीमलवाड़ा की है तथा उसके पति की तबीयत बिगड़ रही थी। महिला ने बताया कि कोई डॉक्टर देखने नहीं आ रहा है।

कॉलेज का दावा, हर वार्ड में डॉक्टर-नर्सिंगकर्मी की ड्यूटी, हकीकत: मौके पर मिला नहीं नर्सिंग स्टाफ

भास्कर संवाददाता ने अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर पर व्यवस्थित किए आइसोलेशन वार्ड, फस्र्ट फ्लोर पर निगेटिव वार्ड, सेकेंड फ्लोर के सबसे हाई रिस्क जोन पॉजिटिव वार्ड, आईसीयू वार्ड को देखा और मरीजों से बात की। मरीजों ने वार्डों में सफाई न होने, डॉक्टरों का लापरवाह पूर्ण रवैया, समय से भोजन न मिलना आदि कई समस्याएं बताई।

इस दौरान तीनों मंजिला पर स्टाफ के नाम पर सिर्फ आइसोलेशन वार्ड के बगल से स्टाफ रूम में एक महिला नर्सिंग कर्मचारी शांति यादव मिली। जब संवाददाता ने नर्सिंग कर्मचारी से पूछा कि यहां किस डॉक्टर की ड्यूटी है तो बताया कि डॉ. जितेन्द्र पाटीदार, लेकिन वह अभी कहीं निकल गए हैं, इसलिए वार्ड में नहीं हैं।

नर्सिंग कर्मचारी ने बताया कि ऊपर के निगेटिव वार्ड, पॉजिटिव वार्ड और आईसीयू में डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ पर ड्यूटी पर है, लेकिन जब उसे बताया कि इन तीनों स्थानों पर जाकर चैक किया गया, लेकिन कोई भी नहीं मिला तो वह चुप्पी साधकर, स्टाफ रूम में चली गई।

आईसीयू... रोते मिले मरीज के परिजन बोले-16 घंटे हो गए, एक बार डॉक्टर आया था
आइसोलेशन वार्ड के सामने ही सांस लेने में परेशानी वाले मरीजों के लिए आईसीयू में सीमलवाड़ा निवासी कमलाशंकर को भर्ती किया है। संवाददाता जब महिला के पास पहुंचा था तो वह रोते हुए परिजनों से बात कर रही थी। महिला ने बताया कि वह पूरी जागी है। गुरुवार शाम को वह पति संग यहां आई थी।

पति को सांस लेने में परेशानी हो रही है। डॉक्टर ने यहां सिलेंडर से ऑक्सीजन लगा दी और कुछ दवाएं देकर चला गया। इसके बाद रातभर कोई देखने नहीं आया। दवाइयां कैसे खिलानी हैं, यह भी नहीं बताया। उसके पति की तबीयत खराब हो रही है। यहां कोई नजर नहीं आ रहा है, वह किसको बोले।

आइसोलेशन वार्ड... आंखों में आंसू, मरीज का बेटा बोला, दवाई मिली है, चाय भी आ जाएगी
आइसोलेशन वार्ड में भर्ती सब्जी व्यापारी थावरा के पुत्र ने बताया कि उसके पिता बुखार तथा सांस लेने में परेशानी है। उसने गुरुवार को पिताजी का सैंपल कराया था। आज अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो वह भी सैंपल कराएगा। जब पुत्र से यहां चिकित्सकीय सुविधाओं के बारे में पूछा तो आंखों में आंसू आ गए और रुंधे गले से बोला कि सब ठीक है, पंखे चल रहे हैं, डॉक्टर ने कुछ दवा दी है।

शाम को खाना मिला था। सुबह साढ़े आठ बजे तक चाय भी आने की बोल रहे थे। जब उससे कहा कि डरो मत, सच बताओ ने उसने बोला कि पता नहीं उसके पिता की रिपोर्ट कब आएगी, उनकी तबीयत बिगड़ रही है। रात को कोई डॉक्टर देखने नहीं आया। नर्सिंग कर्मचारी भी बगल वाले कमरे में ही बैठे रहे। डॉक्टर उनको आइसोलेशन वार्ड से बाहर निकलने के लिए सख्त मना करके गए थे। ठीक है मरीज बाहर नहीं निकलेगा, लेकिन डॉक्टर तो चैक करने आए।

पॉजिटिव वार्ड... डॉक्टर भी दूर से ही हाल पूछकर चले जाते हैं, शौचालय गंदे पड़े हैं
पॉजिटिव वार्ड में भर्ती सागवाड़ा के गामोठवाड़ा के बालकृष्ण सोमपुरा ने बताया कि वह उसकी मां के साथ गुरुवार से जिला कोविड अस्पताल में भर्ती है। यहां मां-बेटे को अलग से वार्ड में रखा है। बालकृष्ण ने बताया कि यहां वार्ड में सफाई व्यवस्था ही नहीं है। शौचालय गंदे हैं, नलों में पानी नहीं आ रहा है।

पीने को भी पानी नहीं मिल रहा है। वार्ड के दरवाजे को बाहर से बंद कर दिया है। डॉक्टर शाम को आया था और दूर से ही हाल पूछकर चला गया, फिर इसके बाद पूरी रात कोई नहीं आया। शाम को एक कर्मचारी खाने का खाना का पैकेट खिड़की पर रखकर चला गया।



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Suspicious patients were coming from the security void, no guard, nor doctor isolation ward in Kovid Hospital


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