पूर्व यूडीएच मंत्री राजपाल सिंह शेखावत ने कहा है कि प्रदेश में बीते 22 महीने में पौने पांच लाख से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हुए हैं। अराजकता की स्थिति चरम पर है। ऐसा लग रहा है यहां ना वित्त और ना ही गृहमंत्री है। 22 महीने तक मुख्यमंत्री सरकार बचाने की कोशिश में लगे रहे। अपने लोगों पर एफआईआर दर्ज करवाने का काम करवाया। अपराधों के चलते प्रदेश के शहरों का विकास थम गया है।
आज स्थिति यह है कि तिलक नगर जैसे इलाके में जहां जमीन के दाम एक लाख रुपए वर्गमीटर तक हैं, वहां जेडीए महज 50 हजार रुपए वर्गमीटर के दाम में जमीनें बेच रहा है, क्योंकि उसे तनख्वाह बांटनी है। जयपुर की बात छोड़िए सीएम के गृह जिले जोधपुर और यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के गृह जिले कोटा में पिछले 22 महीने में एक भी नया काम सरकार ने शुरू नहीं किया है।
कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में बिल्डिंग बायलॉज का सरलीकरण की बात कही थी। मगर किया क्या, बिना सैटबैक के निर्माण हो रहे हैं। एक मंजिल ज्यादा बनाने की अनुमति दे दी गई, जिसकी वजह से इज ऑफ लिविंग कॉन्सेप्ट खराब हो रहा है। लैंड पूलिंग एक्ट और अपार्टमेंट ओनरशिप बिल पर कोई काम नहीं हुआ। ट्रैफिक का मोबिलिटी प्लान बनना चाहिए। ये सरकार तो मुख्यमंत्री आवास योजना में बने मकानों के अलॉटमेंट तक नहीं कर पाई है।
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