श्रीनाथजी मंदिर में दशहरा पर्व रविवार से अन्नकूट की सामग्री बननी शुरू हो गई हैं। रसोइयों और सेवावालों ने नए बालभोग में शुभ मुहूर्त में भट्टी पूजन किया।
इसके उपरांत अन्नकूट सामग्री बनाना शुरू कर दिया। बता दें कि दीपावली के दूसरे दिन बाल स्वरूपों को सवा सौ मन चावल सहित अनेक प्रकार की सामग्री का अन्नकूट अरोगाया जाता है, जिसे रात को आदिवासी लूटते हैं ।
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